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हेलो एंड वेलकम एवरीबॉडी आज हमारे साथ एक बहुत ही महारती एक बहुत ही इंपॉर्टेंट और बहुत ही ज्यादा अचीवमेंट जिन्होंने करी है खेल के मैदान में आज हमारे साथ एक ऐसे स्पोर्ट्स पर्सन हैं! जिन्होंने भारत के लिए ना की एक ना की दो बहुत ज्यादा मेडल्स और शोहरत हासिल करवाई है! चीफ अमोंग्स द नाम उनमें हैं कॉमनवेल्थ गेम में गोल्ड मेडल प्राप्त किया 2006 में और लंदन ओलंपिक में सिल्वर मेडलिस्ट रहे हैं! मेरे साथ हैं विजय कुमार जी विजय कुमार जी हेलो एवरीवन गुड इवनिंग! गुड इवनिंग विजय कुमार जी थैंक यू सो मच फॉर कमिंग ऑन ओपन टॉक आप यहां पर आए आपने यह रिक्वेस्ट एक्सेप्ट करें थैंक यू सो मच तो विजय कुमार जी शुरु करते हैं! आज की यह ओपन टॉक आपके साथ आपको और जानने के लिए और मोर इंपॉर्टेंट हमारे जो इतने सारे लिस्टनर्स हैं जो खुद भी इन्स्पिरिंग एथलीस्ट है या अपनी लाइफ में कुछ मुकाम को हासिल करना चाहते हैं उनके लिए ये एक ओपन टॉक है ताकि वो आप से इंस्पायर हो आपने लाइफ में इतना कुछ अचीव किया है तो यह मैं आपकी ओपन टॉक में में आपसे ऐसे क्वेश्चन थोड़े से पूछूंगा जिससे कि हमें थोड़ा सा और आपकी लाइफ के बारे में पता लगे और हम खुद भी इंस्पॉयर हो आपकी लाइफ से स्योर स्योर ऑफ़ कोर्स बहुत अच्छे अब हर बड़े मुकाम को हासिल करने के लिए बहुत-बहुत चैलेंजेज बहुत सैक्रिफायसिस देने पड़ते हैं तो आपने इस आपकी इस मंजिल को प्राप्त करने में करने के लिए और इस चैंपियनशिप को जीतने के लिए आपने अपनी लाइफ में क्या चैलेंजेज फेस किये या क्या आपको सैक्रिफायसिस करने पड़े देखिये एक जो प्लेयर होता है लीड होता है उसकी लाइफ में काफी चैलेंज रहते है काफी चीजों को सैक्रिफाइस करना पड़ता है एंड नो डाउट जब मैंने अपनी जर्नी स्टार्ट करी तो मेरा कभी भी ये मेरा फाइनल टारगेट यह नहीं था की में तो ओलम्पिक हूँ मेडल जितना है अगर में नो डाउट होता तो ये दिमाग में ये रखता की मेरे को ओलम्पिक क्योकि मेडल जितना है तो उसके लिए जो में वर्कआउट करना है उसके ऊपर फोकस नहीं कर पाता कभी भी ओके वो मैंने हमेशा यही रखा और साथ में हमारे जो कोचिस्ट वो टाइम टू टाइम गाइड रखते थे की हमने अच्छा परफॉर्म करने के लिए और किसी भी कॉम्पिटिशन में अगर हम पार्टिसिपेट कर रहे है वहा पर जाके अच्छा परफॉर्म किस तरीके से करना है एंड जहा तक अगर बात करे आज हम अगर ओलम्पिक मैराथन में पंहुचा हु तो सैक्रिफाइस की बिंग अ मिलिट्री परपज मेरे को घर से काफी दूर भी रहना पड़ा नो डाउट अपना जो मिलिट्री की यूनिट रहती है वहाँ पर फ्रेंड सर्कल्स रहते है लेकिन फैमिली से दूर आपको दूर रहना पड़ता है करेक्ट एंड आपको दूसरा चीज यह है की पूरा दिन भर कम से कम छ:,आठ घंटे आपको ट्रेनिंग करनी पड़ती है वेट ट्रेनिंग करनी पड़ती है जीम करना पड़ता है आपको भागना भी पड़ता है देट मीन्स आपको अपने कम्फर्टेबले ज़ोन से निकल के आपको एक हार्डवर्किंग ज़ोन में जाना पड़ता है बिलकुल बिलकुल जहाँ आपको प्रॉपर नींद भी कम मिलती है आपको थकावट भी होती है आपको बॉडी रिकवर भी करना है आपको मेहनत भी करनी है बिलकुल तो ये सब चीज़े उसमे इन्वॉल्वमेंट रहती है काफी काफी रहती होगी ये तो तो...विजय कुमार जी इससे में एक और चीज पूछना चाहूंगा तो आपका फिर ट्रेनिंग रेजीम जैसे की जब आप एक्टिवली ट्रेनिंग करते थे तो टीपिक्ली आपका ट्रेनिंग रेजीम कैसा दिखता था मतलब आप कितने घंटे दिन में क्या करते थे बिकॉज़ आपने थोड़ा थोड़ा बताया तो एकदम से उत्सुकता जागृत हुई तो क्या-क्या करते थे आप उस टाइम जब आप प्रॉपर्ली आप ओलंपिक के लिए तैयारी कर रहे थे यस ऑफ़ कोर्स अगर में ओलंपिक्स ही नहीं बाकि कॉम्पीटीशन्स की बात करु तो ऑलमोस्ट हम लोग सेम ट्रेनिंग रखते है लेकिन नो डाउट हां ओलम्पिक के टाइम थोड़ी सी एक स्पेशल ट्रेनिंग भी रहती है आप कोचीस के साथ मैक्सिमम टाइम निकालते है तो जहाँ तक में ट्रेनिंग की बात करु तो इसमें हमारा फुल डे रुटीन यह रहता है की हम मॉर्निंग में एट लीस्ट वन ऑवर की फिजिकल एक्सरसाइजेज उसमे स्ट्रेचिंग होगी बॉडी बैलेंसिंग एक्सरसाइजेज रहती है और थोड़ी बहुत रनिंग भी रहती है तो ऑलमोस्ट वन हॉवर का सेडुल आपको पर डे रखना ही पड़ता है ओके एंड उसके बाद एक आधे घंटे की रेस्ट करके आपको वापस अपने शूटिंग रेंज की ट्रेनिंग लेनी करनी होती है जिसके अंदर ट्राय प्रैक्टिस और सारी और जो भी हमारे को सेडुल जो कॉच लिखता है वो फॉलो करते ऑलमोस्ट हम कम से कम पूरे दिन की एबिलिटी लगाए तो 5 से 6 घंटे तो हमें एट लीस्ट शूटिंग रेट पर बिताने पड़ते है ताकि हम गन से रूबरूभी हो और उसके साथ हां जी हो और सारी चीज़ो को हम स्टेप बाय स्टेप सब कुछ सीखे देन इवनिंग में जाके हमें फिर दोबारा अपना फिजिकल ट्रेनिंग के ऊपर वर्कआउट करना पड़ता है और उसमे भी लगभग 50 मिनट से 1 घंटे तक हमें शाम को भी देना पड़ता है ओके ओके हां ऑलमोस्ट इसी के तक़रीबन तक़रीबन हमारा पूरे दिन का वर्कआउट रहता है सिक्स डेज इन अ वीक 6 दिन हमे एक हफ्ते में करने पड़ते है वाह! वाह! बहुत ही ये तो नो डाउट विजय कुमार जी ये तो एक बहुत ये एक चैंपियन का वर्कआउट है मतलब पूरा आपने ऑलमोस्ट पूरा दिन गिनवा दिया ऑलमोस्ट 8 से 9 घंटे का मिनिमम वर्कआउट फिजिकल एक्टिविटी जो आप स्पेंड कर रहे हैं वो वंडर मतलब इसमें जो आपका दृढ़ निश्चय जो है वह काफी मायने रखता है जी हां बिलकुल अगर मन में कोई लक्ष्य हो और उसके लिए अगर आप मेहनत कड़ी मेहनत करने जाएंगे तो वो एक ने एक दिन आपको पक्का हासिल होगा तो किसी भी स्तिथि से हमे साथ साथ कोचिस भी मोटीवेट करते थे हम उनके सुपर विज़न में प्रैक्टिस करते थे और हमने भी अपना जो बेस्ट टू बेस्ट देनें की हमे थकावट भी होती थी तब भी हम लगे रहते थे हमने अपना बेस्ट टू बेस्ट देनें की हमेशा कोशिश करी चाहे उसका रिजल्ट आए या ना आए लेकिन आज मुझे ये अच्छी फीलिंग है की बही वो चीज़ 2 साल 4 साल 6 साल बाद नहीं तो कही ना कही एक बार तो पक्का आई है बिलकुल और जिसका रिजल्ट आपके सामने है मेडल के रूप में आपको सब नॉलेज है ही बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल सो... विजय कुमार जी आपने बड़ा इंटरेस्टिंग पॉइंट बोला तो आप ये बताइये आपको कैसी फीलिंग आई थी जब आपने जब आप उस दिन चैंपियन बने जब आप पोडियम पर खड़े थे गोल्ड मेडल ले रहे थे मेलबर्न कॉमनवेल्थ गेम्स में या फिर लंदन ओलंपिक्स में जब आप सिल्वर मेडल देश के लिए रिसीव कर रहे थे आपको वो क्या फीलिंग थी मतलब की आपने अपना उद्देश्य आपने अपना लक्ष्य प्राप्त कर लिया है या आगे और बढ़ने की क्या क्या मतलब वो क्या-क्या आपके अंदर फीलिंग आ रही थी उस टाइम पर क्या सोच उस टाइम पर इतने में यह कहना चाहुँगा की दो एक ऐसे स्पेशल पॉइंट है जो आपने मेंशन करे 2006 और 12 के हांजी वो मेरी स्पोर्ट्स लाइफ में आए है मैंने 2003 में फर्स्ट टाइम स्पोर्ट्स गन पकड़ी थी वन वे स्टार्ट करा था और विनय वाओ कामनवेल्थ गेम्स के अंदर दो गोल्ड जीते थे विथ न्यू रिकॉर्ड के साथ जो की मैंने आजतक मुझे कभी सपने में मैंने कभी सोचा भी नहीं था बट नो डाउट कोचेस को शायद उसे मुझ पर भरोसा हो लेकिन हमने कोचेस के हिसाब से मेहनत करी हम सेलेक्ट हुए हम गए लेकिन वहा से थोड़ा सा मेरा में कहूंगा की अपना जो कॉन्फिडेंस है मेरा वो काफी बिल्ड अप हुआ वैरी गुड! की भले ही इंटरैक्ट मेरे लिए 2006 में कामनवेल्थ गेम एक बड़ा कॉम्पीटीशन था जिससे की मेरा कॉन्फिडेंस ये बिल्ड अप हुआ की हम इंटरनेशनल स्टैण्डर्ड के और एक हायर लेवल के कॉम्पीटीशन में भी जीत सकते है बिलकुल तो उसके बाद मैंने फिर नॉलेज जो बढ़ती गई कोचेस के साथ और बाकी जो सीनियर प्लेस है उनके साथ ट्रैंनिंग होती गई तो हमे बातो-बातो में भी सारी नॉलेज मिलती गई की इससे भी हायर कॉम्पिटेशन और क्या-क्या होते है उनके अकॉर्डिंग फिर हमने तैयारी करी इनफैक्ट 2006 के ऐसियन गेम जो की कोममंचुअल्ली हायर कॉम्पीटीशन है उसके अंदर में गोल्ड और ब्रोंज जीता बट अगर बात करे ओलम्पिक तो नो डाउट वो तो एक सबसे अल्टीमेट चीज़ हो जाती है उसके लिए भी हमने कोशिश पूरी करी और मुझे इस चीज़ तक पहुंचते पहुंचते 2012 में जाके में यहाँ तक पंहुचा पर लगभग लगभग 10 ,11 साल तो यहाँ तक लग ही गए वाह! बहुत अच्छे बहुत अच्छे फिर जो 2012 में मैंने जो टारगेट अपने माइंड में कही कही ना कही उससे 6 साल पहले 8 साल पहले सेट किया था उसके लिए जो में वर्कआउट में करता गया करता गया उसको जो मैंने एक्सेक्यूटे करा तो मेरे को एक महल के रूप में मिला उसका रिजल्ट मिला बहुत अच्छे मुझे काफी ख़ुशी है की मैंने पिछले 8 या 10 साल या जो भी शूटिंग करी है रहा उसका रिजल्ट मेरे को ओलम्पिक या मेडल जीता जिससे की मुझे तस्सली हुई की मैंने हर दिन जो 6 , 8 घंटे 9 घंटे 8 जितनी भी मेहनत करी उसका मेरे को रिजल्ट एक मेडल के रूप में मिला और में अपनी तरक्की के लिए मेडल जीत के वहाँ से लाया नहीं नहीं बहुत अच्छे विजय जी हमको तो बहुत गर्व है की आप आप जैसे खिलाडी आप जैसे स्पोर्ट्स पर्सन हमारे साथ है और हमे अपनी स्टोरी बता रहे है सो .. विजय जी और आगे चलते है तो आपने ये मेडल जीता आपने जब ओलम्पिक इतने बड़े विश्व के सबसे बड़े कॉम्पीटीशन में आपने ये मेडल जीता तो फिर उसके बाद आपने उसके बाद अपनी लाइफ में आपने क्या सोचा आज आप देखते है लुकिंग बैक आप क्या सोचते की अब आपके नेक्स्ट स्टेप अब लाइफ में और मुकाम क्या है जो अब आप अपने लिए सोच रहे है मेरा यह मानना है की में मुझे लगता है की मेरे अंदर एक स्पोर्ट्समेन की एक अच्छी क्वालिटी है और जहा तक में ओलम्पिक पहुंच पाया हु और मुझे लगता है की में अभी 10 साल और गेम कर सकता हु बट थोड़ा सा अपनी जॉब से रिलेटेड रीज़न की वजह से में थोड़ा सा अभी ये एक डेड साल इस गेम से दूर हु और में यहाँ पर हिमाचल में एज ए DSP कर रहा हु लेकिन जैसे ही मेरी ट्रेनिंग कम्पलीट होगी में वापस अपनी गेम्स क लिए ट्रेनिंग स्टार्ट करूंगा और कोशिश करूंगा की अपने इंडिया के लिए अगर में अच्छा कर पाया और उसके लिए में मेहनत करूंगा तो 8 ,10 साल में और गेम करूंगा तो फिलाल तो मेरे माइंड में यही प्लान है और यही मेरे थॉट्स है बहुत अच्छे विजय जी यह तो हम भी यही चाहते है की हम आपको और और ज्यादा देख सके और ज्यादा आपका आपकी स्किल्स को देख सके इंटरनेशनल लेवल पर तो विजय जी ऑल मोस्ट लास्ट क्वेश्चन मेरी तरफ से जो हमारे इतने सारे लिसनर्स हैं जो कि जो खुद भी कुछ बनना चाहते हैं लाइफ में खुद भी कुछ अचीव करना चाहते हैं लाइफ में आप उनके लिए दो एडवाइज या दो आप उनके लिए क्या चीज़े उनको बताना चाहेंगे क्या मैसेज उनको देना चाहेंगे कि वह अपनी लाइफ के बारे में कैसे सोचे हैं क्या करें आपकी तरफ से 2 मैसेज हमारे यंग एस्पिरेंट्स के लिए यस स्योर मेरा अभी तक काफी शॉर्ट पीरियड है लगभग 2003 से लेकर 2000 आई थिंक 16 में 17 में मेने अभी थोड़ा सा ब्रेक लिया है हाजी तो लगभग 14 , 15 साल का शूटिंग करियर है तो में तो योंग्सटर्स को यही कहना चाहूंगा की बिंग ए स्पोर्ट्स पर्सन उससे पहला पॉइंट यह है की आप हमेशा मेहनत करते रहे और जो कोचेस जो प्रोग्राम बनाते ह या बताते है या बताते है आप उसमे अपने थकावट से भड़के उसमे अपना हिस्सा ले और हर चीज़ को प्रॉपर्ली करने की कोशिश करे बिलकुल क्योकि कोचेस जो होते है वो आपको एक प्रॉपर्ली गाइड देते है वो अच्छी चीज़े आपको सीखाते है और आप अच्छी चीज़ो के अंदर दिमाग लगाएंगे तो आपकी प्रोग्रेस एक ना दिन एक ना एक दिन पक्का होएगी बिलकुल और दूसरा एक सबसे इम्पोर्टेन्ट पॉइंट है की आप कभी भी कोई चीज़ कर रहे है तो उसकी आउटकम के ऊपर कभी न सोचे अच्छा आउटकम जो है वो अल्टीमैटेली आपको जो आप उसमे इनपुट करेंगे उसके हिसाब से आनी आनी है तो माय थिंकिंग इज दैट इज नॉट योर जॉब टू काउंट योर आउटकम आपने एक अच्छी आउटपुट के लिए वर्कआउट क्या करना है आप हमेशा उसी चीज़ पर फोकस रखे पूरी ईमानदारी के साथ मेहनत करते रहे तो एक ना एक ना दिन आपको सफलता अवश्य मिलेगी और यही मेरी एडवाइस है और चाहे वो स्पोर्ट्स पर्सन है या चाहे किसी और फील्ड के है कोई भी चीज़ मेहनत के बिना नहीं मिलती है तो मेहनत करना बहुत जरूरी है अपने कम्फर्टेबले जोन से निकले बिलकुल और मेहनत करे अपनी अपनी फील्ड में बिल्कुल बिल्कुल विजय जी एंड थैंक यू सो मच विजय जी धन्यवाद आपको बहुत ज्यादा कि आप हमारे प्लेटफार्म में आए आपने अपनी लर्निंग अपनी लाइफ हमारे साथ शेयर करें विजय जी हमारी तरफ से हमारे सारे लिसनर्स की तरफ से ओपन टॉक की पूरी फैमिली की तरफ से ऑल द वेरी बेस्ट टू यू हम हम चाहते हैं आपको फिर से अगले ओलंपिक में इंडिया के मेडल जीतते हुए देखना तो प्लीज आप जब भी आप रेडी हो वापस आने के लिए प्लीज आप हम आपको बिलकुल सपोर्ट और हमारा सारा प्यार और सपोर्ट आपके साथ है थैंक यू सो मच बहुत बहुत धन्यवाद अशवनी जी बाकी में एक और चीज़ बोलना चाहूंगा की हमारे स्पोर्ट्स पर्सन जो है यही अपने एक ऐसी फील्ड है की जहा पर आप अपनी कंट्री का नाम एक इंटरनेशनल फिल्ड पर अच्छा करेंगे तो आपकी वजह से वहा पर आपकी कंट्री का नाम होता है तो यह बड़ी अच्छी चीज़ है और हर बंधा उसके लिए मेहनत करे और जब आप एक इंटरनेशनल कंट्री में जाकर और अपनी कंट्री क लिए खेलते है और अपनी कंट्री का नाम करते है तो उससे बढ़कर कोई प्राउड फीलिंग नहीं होती है बिलकुल आपका बहुत बहुत धन्यवाद बाकी लगभग में एक साल बाद में दुबारा अपनी गेम में वापसी करूँगा और ट्रेनिंग स्टार्ट करूँगा ! फैंटास्टिक विजय जी लुकिंग फॉरवर्ड टू इट एंड थैंक यू सो मच थैंक यू थैंक यू बाय! बाय ! गुड नाईट बाय !