हीना सिद्धू की जीवन यात्रा: डेंटिस्ट से विश्व नंबर 1 पिस्टल शूटर, विश्व रिकॉर्ड धारक, अर्जुन अवार्डी
Transcribe
नमस्कार दोस्तों... आज मैं डॉ हिना सिद्धू से ओपनटॉक कर रहा हूं | हिना सिद्धू एक इंडियन स्पोर्ट्स शूटर हैं, वो वर्ल्ड नंबर 1 पिस्टल शूटर रह चुकी हैं | 2014 मैं उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट मैं उन्होंने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था | 2013 मै पहली इंडियन शूटर बनी जिन्होंने आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में गोल्ड मेडल जीता | 2014 मै उन्हें अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया गया | हीना जी..., स्वागत है आपका ओपनटॉक पर... (थैंक्यू) थोड़ा अपने बचपन के बारे में बताइए क्या... जब आप छोटे थे... कैसी अपब्रिंगिंग रही, क्या सोचते थे, क्या वह मोमेंट थे जिन्होंने आप को दिशा दी हौसला दिया कि आप इस मुकाम पर पहुंची है? हाँ बचपन मै ज्यादा पढाई मै ही मेरी दिलचस्पी रही है स्पोर्ट्स मे, स्कूल मे जो भी हमारे स्पोर्टस थे तोह उनको खेलती थी सीखती भी थी | स्पोर्ट्स मै जाने के बाद हमेशा से शौक जो था बट मै स्पोर्ट्स मै अच्छी नहीं थी मेरी परफॉरमेंस । पढाई मै ज्यादा दिलचस्पी थी, पढाई मै मै मार्क्स भी अचे लाती थी , मेरेको मजा भी आता था तोह 11th -12th .... 11th की बात है जब मैंने शूटिंग पिकअप की | घर मै एक्चुअली बचपन से ही मैंने गन्स देखीं हैं | मेरे अंकल जा रहे है वो तो बचपन से मैंने गन्स देखि हैं घर में आते जाते तो तोह उसके वजह से एक गन्स मई तोह रूचि थी ही मेरी शूटिंग मई अस सुच ऐसा कोई इंटरस्ट नहीं था |मतलब सारा दिन पड़ती रहती हो तो थोड़ी हॉबी की तरह करूंगी तो मेरे को भी थोड़ा रिलैक्सेशन होगा तो उसे शुरू किया था और करते-करते धीरे-धीरे छोटे कम्पटीशन पे जाने लगी जाने लगी डिस्टिक स्टेट नेशनल वगैरा तो धीरे-धीरे पूरी की और फिर उसके बाद ये और पक्का हो गया तोह फिर आपने ये पिस्टल ही क्यों चूस किया... क्यूंकि एक इसको हम तोय गन भी बोलते हैं राइफल क्यों नहीं ? नहीं नहीं नहीं आम राइफल पहले मेरे को एक्चुअली शॉटगन मै इंटरेस्ट था फिर मैंने राइफल का भी सोचा बट पिस्टल वास् मच मोर ईसीएर क्यूंकि अगर मेरेको कभी भी थोड़ा टाइम मिले, आधा पौना घंटा भी अगर टाइम मिले तो मैं अपनी पिस्टल निकाल के शूटिंग कर सकती हूं अपनी राइफल लेके जाना लेकर आना.... (ओके) तो आपने इतना कुछ हासिल किया है वर्ल्ड नंबर रह चुकी हैं वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है देश के लिए मेडल जीते हैं अर्जुन अवार्ड मिला है तो पहले तो आपको कभी लगता था कि आप ऐसा कुछ इतना कुछ अचीव कर पाएंगे और अभी-अभी कैसा लगता है इस मुकाम पर पहुंचकर......मेडल्स जीतते रहीं तोह ये और पक्का होते गया और मेरी पढाई की डेंटिस्ट्री पूरी की ही मैंने जो पिस्टल की फिर उसके बाद करो शूटिंग में इतना ज्यादा टाइम स्पेंड होने लगा / शूटिंग करने के बाद मैं प्रैक्टिस नहीं कर पायी स्टडीज और फिर मि शूटिंग मैं ज्यादा आगे बढ़ी | अच्छा तो लग रहा है मतलब पिछले इतने सालों का देखूं तो लगता है कि काफी दूर तक आ गए और 10 साल 12 साल 13 साल जो शूटिंग होती है मतलब कभी ऐसा नहीं लगा की क्या कर रही हूँ किधर जा रही हूँ हमेशा एक सेन्स ऑफ़ डायरेक्शन रहा है लाइफ को एक दिशा दी शूटिंग नै.. मेरेको पता नहीं मेने मेडल्स के बारे माँ कभी सोचा नहीं है मेरेको हमेशा ऐसा लगता है की मै कहा थी और धीरे धीरे धीरे शूटिंग करते करते करते लाइफ कहाँ की कहाँ निकल गयी मेरेको ये जर्नी ज्यादा ध्यानमे आती है | तोह फिर इन जर्नी के बीच मै कुछ ऐसे मोमेंट्स के बारे मै बताइये जहाँ पर आपको लगा हो की अब हो नहीं पाएगा मतलब फँस चुकी हो और कुछ समझ में नहीं आ रहा है.. टफ मोमेंट्स जो होतरे है न तोह कोनसे वो टफ मोमेंट्स रहे हैं आपके लाइफ मै और आपने उनको कैसे हैंडल किया है? आम टफ़्फ़ मोमेंटस वैसे तोह मैं नहीं बोल सकती हूँ क्यूंकि हमेसा हर एथलीट के करियर मैं हर १० दिन मैं ऐसा मोमेंट है तोह समझ नहीं आरा है की क्या काम करेगा किधर काम करेगा कोचेस के साथ काम करना है स्टीम के साथ काम कर रहे हो ऐसे मैं यू हिट अ वाल तोह वो वैसा तो रहता है ऑथरवाइज तोह मतलब एथलीट की लाइफ आम लोगों की लाइफ से काफी डिफरेंट होती है हमारे चैलेंजेज भी हैं मतलब लाइफस्टाइल के आस पास ही घूमते हैं जो हमारे जो चैलेंजेज हैं | मतलब जब आप अपने हस्बैंड के साथ बातें करती हैं तोह बातो अबतो मैं ही गोलियां चल जाती हैं ऐसा तोह नहीं होता? नहीं नहीं ऐसा नहीं होता मतलब सारा दिन हम शूटिंग की ही बातें करते रहते हैं, ऐसा लगता है की जैसे सारा दिन हम लोग रेंज पे ही रहते हैं इसके बाद मेरी परफॉरमेंस काफी.. काफी तोह नहीं हुई मतलब थोड़ी डाउन हुई थी | फाइनल मै काफी पॉइंट्स मिस हुए थे क्योकि फाइनल मेरे हमेसा स्ट्रांग पॉइंट्स था जब मै फाइनल्स मै आयी आई थिंक मेरे दिमाग मै भी नहीं था की मेरी रैंकिंग धीरे धीरे बढ़ रही है, एक दिन जब फोन आया तो पता चला कि भई रिपोर्टर से फ़ोन आया की आप वर्ल्ड नंबर 1 बन गए हो तोह हम इंटरव्यू करना चाहते हैं तोह तब मुझे पता चला था की ऑय हैव रीछेड डी टॉप थें फिर एक एक्सपेक्टेशंस का बर्डन बोल लो या खुद की जो आप एक्सपेक्टेशंस रखते हो की इतना तोह आपको परफॉरमेंस देना ही देना बनता है तोह वो आपका प्रोसेस दिमाग हटा देता है तो वह किसी भी एथलीट के लिए डेंजरस हो जाता है तोह जब टफ़्फ़ मोमेंट्स की बात करे हिना जी तोह जब आप वर्ल्ड मैं नंबर १ बानी थी तोह उसके बाद आपकी परफॉरमेंस थोड़ी सी डाउन होगयी, गिर गयी थी ऐसा क्या हुआ था की यू टूक इट इजी या फिर आप प्रेशर मैं आगये थे तोह वो मोमेंट को आपने पहले तोह अच्छा लगा की नंबर १ बने फिर एक्सपेक्टेशन के अकॉर्डिंग आपने परफॉर्म नहीं किया तोह क्या सीखे आप उस चीज से कैसे आपने ओवरकम किया ? उसके बाद वापस जब नीचे गई तो एक एक चीज काम करना है एक चीज से ध्यान लगाना और सपोर्ट पिस्टल शुरू किया तोह उसपे भी अच्छे से ध्यान दिया तो जब चैंपियन बानी तो उसके बाद से रियलीज़ हुआ के 6 -8 महीने काम किया तब की तक मैंने नहीं ले सकते आप को ध्यान देना है काम करना है और अगर आपका ध्यान अपनी गेम में है तो मैडल और रैंकिंग उसका आउटकम होते है | तुमसे गई तो एक काम करना है एक चीज से बनी तो उसके बाद से रिलायंस हुआ के 8 महीने तक मैंने नहीं ले सकते आप को ध्यान देना है काम करना है और अगर आपका ध्यान में है तो मैडम रांची तो सब स्काउट कम होता है अब बताना चाहेंगे लेकिन स्कोर अब आप कुछ सीक्रेट्स बताना चाहेंगे कैसे वो वो क्या चीज थी जिससे आप वर्ल्ड नंबर ओने रैंकिंग बन पाए आप बताना चाहेंगे लिस्टनर्स को व्हाट मेड यू एक्चुअली नंबर 1? ऐसा कुछ ... डिअर इस नो सीक्रेट बिहाइंड माय सक्सेस| आईटी इस जस्ट हार्ड वर्क एंड और फोकस | जिस चीज पे आप काम कर रहे हैं आपको बस ये नहीं देखना है की उसका क्या आउट कॉम आएगा या नहीं आएगा वह छेज पे आप ज्यादा ध्यान नहीं दे सकते सो आपको सिर्फ अपना काम करना है म्हणत करनी है आउटकम आपके हाथ मै नहीं है छोड़ दीजिये ऑय थिंक तहत इस थे बिग्गेस्त थिंग | कर्म करो फल की इच्छा मत करो .... हाँ करेक्ट ... तोह गुप्त सूत्रों से पता चला है हमें की आप पेंटिंग भी करती हैं आप पोएट्री मै भी रूचि रखती हैं इंटीरियर डिजाइनिंग के अराउंड भी आप कुछ कर रही हैं, डेंटिस्ट भी हैं | शूटिंग से तो आपने इंडिया में क्या पूरे वर्ल्ड में आपने लोगे के दिल जीते हैं तोह कैसे कर पते हैं ये सब कुछ तोह कैसे मैनेज करते हैं? बाकी चीजों का.. पेंटिंग का शौक तोह बचपन से रहा ही है, कभी बहार हम किस कम्पटीशन के लिए गए तोह कभी उस लोकैलिटी मै कोई म्यूजियम हो मेरेको म्यूजियम जाना वहां पे तोह अंबा की चीजों की पेंटिंग देखना या बनाना तोह ये सब मुझको अच्छा लगता हैं मुझे किसी भी तरीके का आर्ट अच्छा लगता है, तोह किसी भी इन्सान को समझने के लिए मेरेको ऐसा लगता है की आर्ट से किसी भी की कल ऐसे बहार आती है तोह मेरे लिए आईटी होल्ड आ सेंस ऑफ़ अट्रैक्शन फॉर मि ... आपने इतने सारे मैडल जीते हैं तोह कोनसा मैडल सबसे ज्यादा आपको याद है या आपके दिल के करीब है ? ऑय थिंक कामनवेल्थ मै लास्ट कामनवेल्थ मै जो मैंने लिया था मैडल गोल्ड मैडल तहत वास् वैरी स्पेशल , उसके लिए मैंने थोड़े महीने पहले ही मैंने म्हणत करनी शुरू करी थी और धीरे धीरे टीम मै आना , उसमे मैडल जितना आईटी वास् इम्पोर्टेन्ट.... और आपने मोस्ट ऑफ़ थे मेजर शूटिंग इवेंट्स मै मैडल जीते हैं मगर ओलिंपिक मै आजतक कभी सफलता हासिल नहीं हुई, तो क्या कारण है और तोक्या 2020 के लिए क्या प्रेपराशंस है ओल्य्म्पिक्स का तोह एक सबसे बड़ा कारण ये है की चार साल मै एक बार आती है || हर साल आये तो हमे और मोके मिलेंगे खेलने डेफिनिटेली मेडल्स, आज तक 13 साल मै मुझे दो ही ओलंपिक्स हुए हैं और हाँ कुछ कमियां भी रही हैं और आपको कुछ सिकने को भी मिलता है पर अभी आपका ओलंपिक्स चार साल बाद आता है तब तक आप आगे बढ़ जाते हो आपके गेम मै कुछ और कमियां आ जाती हैं. गेम मै बोहोत कमी आती हैं तोह एक तोह ये बोहोत बड़ा कारण है तोह ओलिंपिक अगर हर साल हो सके तोह बोहोत सही रहेगा | बाकी ओलंपिक्स कोई ऐसा कम्पटीशन नहीं है जो कर नहीं सकते| जो आपने परफॉरमेंस दी वर्ल्ड चैंपियनशिप मै या वर्ल्ड कप मै वो ही ओलिम्पिक्स मै रीपात करने की बात है और अब की नहीं ये काफी फ्रीक्वेस्टनली रूल्स चेंज करते हैं राइट..... 1 साल 2 साल में तो आप तो मतलब कोई भी शूटिंग ऐसा क्यों आपको क्यों लगता है कि शूटिंग में इतना ज्यादा फ्रिक्वेंट रूल्स चेंज किए जाते हैं धीरे धीरे भी है पुरे इंडियन स्पोर्ट्स का अब सभी बिलीव करते हैं की हम भी मैडल जीत सकते हैं तोह ये बोहोत बड़ी बात है तोह ओलिम्पिक्स 2020 मै इंडिया मै भी ज्यादा मेडल्स आने वाले ओलंपिक्स से है होरा है | नाइस.... और ये ऑय डोंट क्नोव एक्चुअली ये शूटिंग मै भी करते हैं यह मेरे समझ के बाहर ी थिंक ये कोई भी स्पोर्ट्स हो या शूटिंग स्पोर्ट्स हो स्पेक्टेटर एंड पब्लिक चाहिए जो टीवी पर अच्छा लगेगा वह करने की कोशिश में रूल्स चेंज होतरे रहते हैं हाँ तोह ये एथिलीट के लिए काफी डिफिकल्ट होजाता है स्पेशलय जो सालो से एक ही रूल प्रैक्टिस कर रहे थे तोह काफी मुश्किल होजाता है बट ऐट डी सैम टाइम एथलीट को भी अडाप्टिव तो चेंज होना चाहिए एंड आ स्किल्स और बेसिक्स अगर सही हैं तब चाहे जो भी रूल हो आप कर पाओगे मेरे हिसाब से.. ऑलराइट और जो आपको परसुए कर रहे है बच्चे हैं और अगर कोई भी इंसान शूटिंग को परसुए करना चाहता है अस आ स्पोर्ट तोह आप कुछ फाइनल टिप्स या कुछ सुग्गेस्ट करना चाहेंगी, कैसे स्टार्ट कर सकते हैं एंड हाउ कैन आ पर्सन स्टार्ट आ करियर इन शूटिंग? अभी तोह ये स्टार्ट करने के लिए कुछ टिप्स देने की जरुरत नहीं है क्यूंकि सोशल मीडिया और उसपे इतना ज्यादा इनफार्मेशन है | अभी आजकल सबको पता है इसके बारे में आप अगर गूगल पर भी जाएं अपने आसपास की शूटिंग रेंज में सर्च करें तो आ जाएगी और बाकी तो सब वहां पर जाकर इंक्वायरी करने की देर है ऑय डोंट थिंक किसी को भी शूटिंग स्टार्ट करने में प्रॉब्लम आएगी | (करेक्ट).... इसके बाद काफी लोग इन्स्प्येर होंगे और काफी लोग सपोर्ट करें शायद चूसे करें... तो यह सारी इनफार्मेशन आजकल इनफैक्ट ऑलमोस्ट ऑल स्पोर्ट्स के बारे में तो इंटरनेट पे तोह अवेलेबल है ही आ नहीं सकती क्यूंकि हर एक सिटी का स्पोर्ट्स एसोसिएशन अलग होता है तोह ये कहाँ पर उनका ऑफिस है कहाँ पे आपके आसपास रेंज है मुझे तोह साड़ी रांगेस का इंडिया मै पता नहीं है तोह आपके पास जो भी रेंज है , आपके आसपास एसोसिएशन है वह आप कभी भी पता कर सकते हो फोन कर सकते हो जा सकते हो और बाकी मेरा मेरे हस्बैंड की अकादेमी भी है भी है तो हमसे जितना हो सकता है हम भी स्पोर्ट को वापिस देने की कोशिश करते हैं.... किस शहर में है? भारत में कहां हैं? हम बॉम्बे मै बेस्ड हैं पुणे मै बेस्ड है दिल्ली मै बेस्ड हैं फरीदाबाद मै है और भी एक्सपैंड कर रहे हैं, पंजाब में भी आरे हैं तो धीरे-धीरे हमको हमारे बारे में जो हम कर सकते हैं हम कर रहे हैं और हमारे बारे मै भी है इंटरनेट मै सर्च किया जा सकता है तोह मतलब स्टार्ट करना कोई बड़ी बात नहीं है | की पेशंस के साथ काम करना और लंबा करियर करने के लिए पेशेंस का होना हार्ड वर्क इन एटीट्यूट का होना परसिस्टेंट का होना जरूरी है... (गोट इट).. आपकी अपनी जो शूटिंग अकेडमी है उसके बारे में कुछ बताइए क्या नाम है उसका? रोनित पंडित शूटिंग अकादमी है रोनित मेरे हस्बैंड का नाम है | वो मेरे कोच हैं तोह अकादमी का सारा .. 80 % जो काम हैं वही देखते हैं, मेरी कहीं पे जरुरत पढ़ती है कहीं पे मेंटॉर करना होता है कोई बचा मेरी सवाल पूछे तोह मै जो भी है जवाब देती हूँ बाकी मै अपनी खुद ही ट्रेनिंग मै बिजी हूँ तोह मोस्टली माय हस्बैंड कोचेस एव्रीबडी वे अरे बेस्ड इन बॉम्बे पुणे लाइक ऑय टोल्ड यू रौनक पंडित शूटिंग सेंटर अकादमी है और आप इंटरनेट पे देख सख्ते हो हमारा फ़ोन नंबर ईमेल आईडी सब है एनीबडी कैन कांटेक्ट अस एंड वे पूत थम इन थे नेअरेस्ट रेंज | वे हैव डी इक्विपमेन्ट वी हैव एव्रीथिंग सो मतलब जो भी कोई बचा नया आता है, उसको कुछ भी खरीदने की जरुरत नहीं है हम लोग सब प्रोवाइड करते हैं | कोचिंग इक्विपमेंट क्वालिटी रेंज एव्रीथिंग.... (वेरी गुड) सो बहुत-बहुत धन्यवाद हीना जी.. ओपन टॉप करने के लिए, आशा करता हूं आपसे जल्दी फिर से बात होगी हैव अ गुड डे। थैंक यू थैंक्यू सो मच .... ....